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Charli Chaiplin/Manto : Ek Badnam Lekhak/Anton Chekhav Aur Jorj Barnard Shah/Safdar : Vyaktitva aur krititva

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SKU: Set-74 (जाने कैसे थे वे : चार खास किताबें) Author: Safdar Hashmi, Vinod Bhatt
Subject: Literary Criticism
Category: Literary Criticism

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Description

चार्ली चैपलिन

लेखक : विनोद भट्ट

 

मंटो एक बदनाम लेखक

लेखक : विनोद भट्ट

 

एंतोन चेखव और जोर्ज बर्नाड शाह

लेखक : विनोद भट्ट

 

सद्फर

लेखक : सफ़दर हाश्मी

Born: December 4, 1954

12 अप्रैल, 1954 को एक सुपरिचित कम्युनिस्ट परिवार में जन्म। प्रारंभिक शिक्षा अलीगढ़ के एक स्कूल से। 1970 में नई दिल्ली स्थित कन्नड़ स्कूल से हायर सेकंडरी और 1975 में सेंट स्टीफन कॉलेज से अंग्रेजी में एम.ए.। कॉलेज शिक्षा के दौरान ही एस.एफ.आई. और ‘इप्टा’ के सक्रिय सदस्य। 1973 में ‘इप्टा’ से अलग होकर मलयश्री राय आदि कुछ साथियों के सहयोग से ‘जन नाट्य मंच’ की स्थापना। 1979 में मलयश्री राय से विवाह।

मजदूर वर्ग के क्रांतिकारी लक्ष्यों के प्रति अगाध निष्ठा रखते हुए एक राष्ट्रव्यापी जनवादी सांस्कृतिक आंदोलन की दिशा में काम। संस्कृतिकर्म की सुरक्षा के लिए कलाकारों और संस्कृतिकर्मियों को संगठित करने का लगातार प्रयास। ‘जन नाट्य मंच’ (जनम) के गठन के बाद कई महत्त्वपूर्ण मंच नाटक प्रस्तुत किए और फिर देश-भर में नुक्कड़ नाटकों के नए आंदोलन का सूत्रपात। इस दौरान मशीन, औरत, हत्यारे, गाँव से शहर तक, अपहरण भाईचारे का, राजा का बाजा, मई दिवस, समरथ को नहिं दोष गुसाँई, जंग के खतरे, आया चुनाव तथा हल्ला बोल आदि 25 से अधिक लोकप्रिय नुक्कड़ नाटकों की रचना और उनके देशव्यापी प्रदर्शन। बच्चों के लिए भी दर्जन-भर से ज्यादा नाटक। नुक्कड़ नाटकों और कई डॉक्यूमेंटरी फिल्मों के लिए गीत-रचना। अनेक सेमिनारों एवं कार्यशालाओं का आयोजन। पत्र-पत्रिकाओं के लिए रंगकर्म संबंधी कई महत्त्वपूर्ण आलेख और सांस्कृतिक स्तंभ-लेखन।

1 जनवरी, 1989 को साहिबाबाद की एक मजदूर बस्ती में नुक्कड़ नाटक करते हुए फासिस्ट ताकतों के जानलेवा हमले का शिकार। 2 जनवरी, 1989 को नई दिल्ली में निधन।

 

 

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