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Hasya Vyang Ki Shikhar Kavitaye/5 Pills Depression-Stress Se Mukti Ke Liye/Swasthya Ke Teen Sau Sawal

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SKU: Set-72 (खुशहाल जीवन के लिए पठनीय किताबें ) Author: Abrar Multani, Arun Gemini, Yatish Agarwal
Subject: Health And Fitness, Poetry
Categories: Health And Fitness, Poetry

197 in stock

Description

हास्य व्यंग की शिखर कवितायेँ

लेखक : अरुण जेमिनी

जन्म: 22 अप्रैल, सन् 1959

शिक्षा: विधिवत् शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय से एम.ए.

धर्मयुग, साप्ताहिक हिन्दुस्तान, माधुरी, पराग, दैनिक हिन्दुस्तान, जनसत्ता, नवभारत टाइम्स, नवभारत, सांध्य टाइम्स, राजस्थान पत्रिका, सहारा समय, अहा! जिंदगी, आदि पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित।

आकाशवाणी, दूरदर्शन, सोनी टी. वी., ज़ी टी. वी., ज़ी इंडिया, एन ई पी सी, जैन टी. वी, सब टी. वी. आदि अनेक चैनलों से प्रसारित।

दूरदर्शन से प्रसारित ‘धरती का आंचल’ के 26 एपिसोड्स का संचालन। एनईपीसी से प्रसारित ‘हँसगोला’ के 26 एपिसोड्स का संचालन। ज़ी टी.वी. से प्रसारित ‘दरअसल’ के 13 एपिसोड्स का संचालन। दूरदर्शन मैट्रो से प्रसारित ‘ताल-बेताल’ के 13 एपिसोड्स का संचालन। ज़ी इंडिया से प्रसारित ‘यही है पॉलिटिक्स’ के 10 एपिसोड्स का संचालन। अनेक टी.वी. कार्यक्रमों का पटकथा-लेखन। अनेक टी.वी. सीरियलों के लिए गीत-लेखन।

भारत के कोने-कोने में तथा संयुक्त राज्य अमरीका, थाईलैंड, हांगकांग, इंडोनेशिया, ओमान, चीन, ऑस्ट्रेलिया, दुबई, नेपाल, सिंगापुर आदि देशों में समय-समय पर आयोजित कवि सम्मेलनों के लोकप्रिय स्वर।

सन् 1996 में राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा द्वारा सम्मानित। सन् 1999 में ‘काका हाथरसी हास्य-रत्न’ सम्मान से सम्मानित। सन् 2000 में ‘ओम् प्रकाश आदित्य सम्मान’ से सम्मानित। सन् 2002 में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा सम्मानित। दिल्ली सरकार की हिंदी अकादमी द्वारा सन् 2004 के ‘काका हाथरसी सम्मान’ से सम्मानित। सन् 2005 के ‘टेपा सम्मान’ से सम्मानित।

हास्य-व्यंग्य कविताओं के एक संग्रह ‘फिलहाल इतना ही’ के अनेक संस्करण प्रकाशित।

 

 

5 पिल्स डिप्रेशन स्ट्रेस से मुक्ति के लिए

लेखक : डॉ. अबरार मुल्तानी

आप एक प्रख्यात आयुर्वेद विशेषज्ञ होने के  साथ-साथ स्वास्थ्य लेखन में पिछले कई वर्षों से अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। अभी तक हजशरों जटिल एवं जीर्ण रोगियों के  उपचार का अनुभव आपको प्राप्त है। प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति को नवीन रूप में प्रस्तुत कर लोगों में आयुर्वेद के प्रति फैली भ्रांतियों को मिटाने में, आयुर्वेद का प्रचार-प्रसार करने में आप एक अग्रणी नाम हैं। बॉडी, माइंड एंड सॉल (शरीर, मन और आत्मा) का अद्भुत सम्मिश्रण कर चिकित्सा करने में इन्हें महारत है। आप हिजामा थेरैपी को भारत में प्रचलित करने में अग्रज हैं। आप ‘इंक्रेडिबल आयुर्वेदा’ के  संस्थापक हैं तथा ‘स्माइलिंग हार्ट्स’ नामक संस्था के प्रेसिडेंट हैं। आप देश के पहले आनन्द मंत्रालय की गवर्निंग कमेटी के  सदस्य भी हैं। ‘बीमार होना भूल जाइए’ और ‘सोचिए और स्वस्थ रहिए’ आपकी बेस्टसेलर पुस्तकें हैं। आयुर्वेद चिकित्सकों के लिए लिखी आपकी पुस्तकें  भी उस श्रेणी की बेस्टसेलर हैं।

 

स्वस्थ के 300 सवाल

लेखक : डॉ. यतीश अग्रवाल

एम.बी.बी.एस., एम.डी., डी.एस.सी.

जन्म: 20 जून, 1959; बरेली (उ.प्र.)। आरंभिक शिक्षा दिल्ली एवं लखनऊ में। आयुर्विज्ञान की उच्चतर शिक्षा यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज, दिल्ली, बल्लभभाई पटेल चेस्ट इंस्टीट्यूट, दिल्ली, किंग्जवे कैंप टी.बी. अस्पताल, दिल्ली, और सफदरजंग अस्पताल से। दिल्ली विश्व- विद्यालय से डॉक्टर ऑफ मेडिसिन। 1998 में फाउंडेशन फॉर डिटेक्शन ऑफ अर्ली गैस्ट्रिक कार्सिनोमा, जापान, के तत्त्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय फैलोशिप और नेशनल कैंसर सेंटर हॉस्पिटल, टोक्यो, में उच्चतर प्रशिक्षण। विज्ञान परिषद्, इलाहाबाद से 1999 में विज्ञान वाचस्पति (डॉक्टर ऑफ साइंस) की उपाधि। संप्रति, दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में वरिष्ठ चिकित्सक।

डॉ. अग्रवाल देश में स्वास्थ्य और जनप्रिय आयुर्विज्ञान साहित्य के प्रमुख रचनाकारों में से हैं। सन् 1980 से उनके स्तंभ और लेख-चिंतन देश के प्रमुख राष्ट्रीय हिंदी-अंग्रेजी दैनिकों और पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से प्रकाशित होते आ रहे हैं। उन्होंने बच्चों, किशोरों और नवसाक्षरों के लिए भी प्रचुर रूप से लिखा है और रेडियो-टेलीविजन के लिए भी सीरियलों का अभिकल्पन और लेखन किया है।

उनके कॉलम स्वास्थ्य सुलझन (गृहशोभा), ओपीडी (हिन्दुस्तान) और सैकेंड उपीनियन (हिन्दुस्तान टाइम्स) पाठकों के बीच अत्यंत लोकप्रिय हैं। उनके पूर्व-प्रकाशित कॉलमों में परामर्श, दस सवाल, स्वास्थ्य परिक्रमा, चेक आउट, एक्सप्रेस क्रुसेड फॉर हेल्थ विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। उनकी बहुत-सी पुस्तकें बेस्टसेलर साबित होने के बाद अब हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ देश की अन्य भाषाओं में भी उपलब्ध हैं। अपने कृतित्व के लिए डॉ. अग्रवाल भारत सरकार के शिक्षा पुरस्कार (2003), साहित्यकार सम्मान (हिंदी अकादमी, 2003), आत्माराम सम्मान (1999), राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार (1999), मेघनाद साहा सम्मान (1991, ’92, ’93) और स्वास्थ्य मंत्रालय के राष्ट्रीय पुरस्कार (1994, ’95, ’97) से अलंकृत किए जा चुके हैं।

डॉ. अग्रवाल देश के उन चुनिंदा चिकित्सकों में हैं जो अस्पताल के बाहर भी देशवासियों के स्वास्थ्य के प्रति मन-प्राण से समर्पित हैं।

 

 

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